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उदयपुर हत्याकांड:उदयपुर हत्याकांड से जुड़ी ये खबर। उदयपुर हत्याकांड से लेकर लेटेस्ट न्यूज़

  उदयपुर हत्याकांड:उदयपुर हत्याकांड से जुड़ी ये खबर। उदयपुर हत्याकांड से लेकर लेटेस्ट न्यूज़




उदयपुर मर्डर केस में आज के 6 बड़े अपडेट्स।

1. बूंदी कलेक्ट्रेट में पुलिस की मौजूदगी में खुलेआम भड़काऊ भाषण और धमकी वाले मौलवी मुफ्ती नदीम अख्तर को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। नूपुर शर्मा के पैगंबर पर दिए विवादित बयान के विरोध में 3 जून को कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस की मौजूदगी में मौलवी अख्तर ने भड़काऊ भाषण दिया था।

2. हत्याकांड की साजिश में शामिल 2 और आरोपियों को देर रात पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने मोहसिन और आसिफ नाम के आरोपी पकड़ा है, इसके अलावा 3 अन्य लोगों से भी पूछताछ चल रही है। इस हत्याकांड में आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। मोहसिन और आसिफ को कोर्ट में पेश किया गया, उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

3. राजस्थान सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उदयपुर के SP और IG रेंज को हटा दिया है। हत्याकांड की जांच के लिए बनी SIT को लीड कर रहे प्रफुल्ल कुमार नए IG बनाए गए हैं।

4. हत्यारे गौस और रियाज जब्बार को उदयपुर से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। देर रात 3 बजे दोनों को अजमेर ले जाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर को अलग-अलग बैरक में रखा गया है।

5. शुक्रवार को सीकर, दौसा, बाड़मेर सहित कई छोटे शहरों को बंद रखने का ऐलान किया गया है। इसके मद्देनजर पुलिस अलर्ट पर है। वहीं, 2 जुलाई को कोटा और अलवर बंद रहेंगे।

6. उदयपुर में कर्फ्यू के बीच आज दोपहर 3 बजे से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हो गई। 7 किमी लंबी रथयात्रा को पूरा होने में करीब 8 घंटे का समय लगेगा। रथयात्रा समिति के संरक्षक घनश्याम चावला ने बताया कि रथयात्रा में ना ही गुलाल फेंकी जा रही है और ना ही कोई आतिशबाजी हो रही है।



उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या का असली मकसद आतंक की दहशत कायम करना था। तय था कि कन्हैयालाल को गोली नहीं मारनी है। आतंकवादी संगठन ISIS की तरह गला काटना है और उसका वीडियो भी बनाना है, ताकि देखने वालों की रूह कांप जाए।


राजस्थान पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के अधिकारियों के मुताबिक, हत्यारों को ये सभी ऑर्डर कौन दे रहा था, यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन अब तक की जांच में सामने आया है कि हत्याकांड में कई और लोग शामिल थे और किसी के इशारे पर ही यह मर्डर प्लान किया गया था।


यह भी पता चला है कि कन्हैयालाल ही नहीं, नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले कई लोग इनके निशाने पर थे। उनका हश्र भी कन्हैया जैसा करने का ऑर्डर था। ऑर्डर देने वालों ने ही गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार को ट्रेनिंग दी थी।


भास्कर टीम आतंक के नेटवर्क की पड़ताल के लिए उदयपुर की एसके इंजीनियरिंग फैक्ट्री में भी गई, जहां हत्यारों ने हथियार तैयार किए थे। दोनों ने कई ऐसे हथियार बनाए, जिनसे सर को आसानी से धड़ से अलग किया जा सकता था।


एक हत्यारा गौस मोहम्मद वेल्डर का काम करता है, उसी ने हथियार तैयार किए। हत्याकांड से पहले और बाद में वीडियो बनाने का काम भी इसी फैक्ट्री में हुआ था। पुलिस ने इसी फैक्ट्री से कई हथियार बरामद किए हैं।

उदयपुर हत्याकांड का वायरल वीडियो।


कन्हैयालाल का मर्डर सोची समझी साजिश थी। अब इस पूरे मामले में आरोपियों की जिहादी सोच का भी खुलासा हुआ है। रियाज की नफरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी बाइक का नंबर 2611 था। यह नंबर मुंबई आतंकी हमले की तारीख से जुड़ा है। रियाज ने बाइक भले ही किश्तों में ली हो, लेकिन यह नंबर लेने के लिए RTO को 5 हजार रुपए एक्स्ट्रा फीस दी थी।


अब तक की जांच में इस गाड़ी का नंबर सामने आया, लेकिन भास्कर टीम ने पड़ताल की तो रियाज की वह बाइक भी सामने आई, जिससे वह गौस के साथ कन्हैयालाल का मर्डर करने पहुंचा था। ऐसे में इस गाड़ी का नंबर इशारा कर रहा है कि वह मुंबई आतंकी हमले से प्रभावित थे।


अपनी पहचान छिपाने के लिए घर बदलता रहा


रियाज चाहता था कि उसे कम लोग पहचानें, इसलिए वह लगातार घर बदलता रहता था। 2011 में मुंबई हमले के बाद रियाज ने 2013 में बाइक खरीदी थी। जब रियाज ने बाइक खरीदी, तब वह फिरोज खान के मकान में किराए से रहता था। अपनी पसंद का नंबर लेने के लिए 5 हजार रुपए प्रीमियम भी जमा कराया था। इसके भी डॉक्यूमेंट सामने आए हैं। इसमें बाइक रियाज के नाम से रजिस्टर्ड है।

रियाज की बाइक के बाद दोनों आरोपियों से जुड़े और दूसरे सामानों की भी जांच की जा रही है।


उदयपुर हत्याकांड से जुड़ा वीडियो cctv



बताया जा रहा है कि RJ 27 AS 2611 नाम की इस बाइक से रियाज को काफी लगाव था। इसलिए मर्डर करने के लिए भी इसी बाइक से गौस के साथ आया था। इसके बाद इसी बाइक से दोनों फरार हुए थे। हालांकि पुलिस ने अब बाइक को जब्त कर लिया है, लेकिन जांच एजेंसियां इस नंबर के पीछे की कहानी और फैक्ट जुटाने में लगी है।


तीसरा वीडियो अजमेर से बनाने वाले थे, कई लोगों को वॉट्सऐप पर जोड़ा
जांच में पता लगा कि रियाज और गौस अजमेर पहुंचकर इस हत्याकांड से जुड़ा तीसरा वीडियो बनाने वाले थे। दोनों की मंशा यही थी कि हत्या के बाद दहशत फैलाने के लिए तीसरा वीडियो भी वायरल किया जाए। NIA जांच कर रही है कि दोनों अजमेर में कहां और किसके पास रुकने वाले थे।

रियाज और गौस ने वॉट्सऐप से कई युवाओं को जोड़ रखा था। वे चाहते थे कि कन्हैयालाल की हत्या के बाद पुलिस उन्हें पकड़ भी ले तो दूसरे साथी नुपूर शर्मा की पोस्ट का समर्थन करने वाले लोगों की इसी तरीके से हत्याएं करते रहें, इसीलिए उन्होंने कन्हैयालाल की हत्या से पहले अपने साथियों को उकसाने के लिए वीडियो बनाया था। वीडियो में रियाज ने कहा था कि वो पकड़ा जाएगा लेकिन हत्याएं जारी रहनी चाहिए।


कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी रियाज अख्तारी और गौस मोहम्मद को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया है. इस जेल में पहले से 82 हार्डकोर्ड अपराधियों को रखा गया है. जेल में कैदियों को बेरक में बंद रखा जाता है. किसी भी कैदी को परिसर में घूमने तक की इजाजत नहीं होती है. बंद बैरक में इन अपराधियों को बिना लाइट के रहना पड़ा है। पढ़ें पूरी खबर

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