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करौली हिंसा के बाद रेली और जुलूस में डीजे पर नई गाइडलाइन।जुलूस में डीजे पर कौन सा गाना बजेगा, बताना होगा

 करौली हिंसा राजस्थान



करौली हिंसा के बाद राजस्थान सरकार ने सार्वजनिक समारोह से लेकर रैली, जुलूस और धार्मिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। अब सार्वजनिक कार्यक्रमों, धार्मिक रैलियों, जुलूसों में डीजे बजाने से पहले पुलिस और प्रशासन की अनुमति लेनी होगी। डीजे पर कौन सा गाना बजेगा, यह भी लिखकर देना होगा। गृह विभाग ने इसे लेकर नई गाइडलाइन जारी की है।

गाइडलाइन के मुताबिक, सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे के इस्तेमाल से पहले आयोजक को शपथ पत्र देना होगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन से पहले भी प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। जुलूस, धार्मिक यात्रा जैसे आयोजनों के लिए एसडीएम, एडीएम को अनुमति के लिए आवेदन देना होगा। यहां से संबंधित थाने से इसका वेरिफिकेशन कराया जाएगा।

गृह विभाग की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब हर सार्वजनिक आयोजन में डीजे का इस्तेमाल किए जाने से पहले शपथ पत्र देकर बताना होगा कि आयोजन धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक होगा या फिर कोई शोभायात्रा या प्रदर्शन होगा। आयोजन किस तारीख को किया जाएगा, इसमें कितने व्यक्ति शामिल होंगे, रैली या जुलूस है तो किस रूट से गुजरेगा, परंपरागत रूप से क्या वही रूट इस्तेमाल किया जाता है या उसमें कोई बदलाव किया गया है, यह सब जानकारी भी देनी होगी। आयोजन में डीजे बजाया जाएगा तो संबंधित डीजे मालिक का नाम-पता, रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन नंबर, कौन सा गाना बजेगा आदि का ब्योरा भी देना होगा।

कार्यक्रम से जुड़ी शर्तें के 9 पॉइंट
कार्यक्रम आयोजन से जुड़ी शर्तों के लिए 9 बिंदुओं का एक प्रोफॉर्मा जारी किया गया है। इसमें आयोजनकर्ता का नाम-पता और जनाधार-आधार कार्ड देना होगा। इसके बाद आयोजन करने वाली संस्था का ब्योरा और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर भी देना होगा।

करौली हिंसा से सबक
गृह विभााग की नई गाइडलाइन को करौली हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। करौली हिंसा के लिए कांग्रेस डीजे पर लगाए गए नारों को भी जिम्मेदार मान रही है। कांग्रेस कमेटी की रिपोर्ट में करौली में रामनवमी पर निकाली गई वाहन रैली में डीजे पर भीड़ के उकसाने वाले नारे लगाने को टकराव का कारण बताया है। अब सरकार ने डीजे के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन में कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। इसका सीधा संबंध करौली हिंसा से ही माना जा रहा है। दूर दराज के गांव-कस्बों से लेकर राजधानी तक डीजे को लेकर अब नई गाइडलाइन का पालन करना होगा।

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