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Prakash Mali Biography प्रकाश माली का जीवन परिचय।

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राजस्थान के महान भजन कलाकार प्रकाश माली अपने भजनों के माध्यम से एक ऐसी प्रसिद्ध हासिल की, जिसके आज लाखों करोड़ो लोग भजन सुनने के लिए एक जगह होते है। आज प्रकाश माली जी की आवाज को पूरे राजस्थान में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्धि है प्रकाश माली जी ने एक नेपाल के कार्यक्रम में भी भाग लिया था।


प्रकाश माली का गांव कौन सा है

प्रकाश माली महाराणा प्रताप

प्रकाश माली की शिक्षा

प्रकाश माली का परिवार प्रकाश माली के करयर की शुरुआत कैसे हुई



प्रकाश माली 

प्रकाश माली जी ने बचपन से ही संगीत की दुनिया में कदम रख दिया था। स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ यह संगीत के क्षेत्र में भी जुड़ गए। इन्होंने बचपन में काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना भी किया, तब जाकर आज इतने उभरे हुए कलाकार के रूप में आज हमारे सामने है।  


प्रकाश माली का जन्म

प्रकाश माली का जन्म 23 अगस्त 1981 बालोतरा के पास शिवकर गांव में हुआ था, जन्म के 4 वर्ष बाद ही यह बालोतरा शहर में आकर बस गए।


प्रकाश माली परिवार माता पिता

प्रकाश माली जी के पिताजी का नाम  बंसीलाल जी माली और दादाजी का नाम केसाराम जी माली था। प्रकाश माली जी के दो भाई भी हैं जिनका नाम गजेंद्र जी परमार और महेंद्र जी परमार है।



प्रकाश माली शिक्षा 

प्रकाश माली जी की शिक्षा बालोतरा शहर में ही हुई, उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा इसी शहर बालोतरा से ही की 


प्रकाश माली का विवाह 

प्रकाश माली का विवाह 1 दिसंबर 2002 को श्रीमती भावना जी के साथ में हो गया और आज उनके दो पुत्र भी है हर्षित और लक्षित


प्रकाश माली का घर

प्रकाश माली जी का घर बालोतरा शहर में बना हुआ है और इनके घर का नाम अनुकंपा है इनका घर दो मंजिला है पूरे घर में अच्छे तरीके से डेकोरेशन किया हुआ है


 प्रकाश माली कैरियर की शुरुआत कैसे हुई।

प्रकाश माली ने अपने कैरियर की शुरूआत काफी संघर्षों से हुई, जब यह स्कूल में पढ़ाई करते थे उसी समय इनकी रूचि संगीत की तरफ काफी ज्यादा थी स्कूल की प्रार्थना में काफी ज्यादा रुचि लेते थे तथा इसी स्कूल की प्रार्थना को भी इतने साव से गाते थे। प्रकाश माली  ने बचपन से ही संगीत की दुनिया में अपना कदम रख दिया था यह रात में होने वाले जागरण और कार्यक्रमों में जाने लगे तथा उसमें काफी ज्यादा रुचि लेने लगे

धीरे-धीरे इन्होंने यंत्र भी सीखना शुरू कर दिया जब भी भजन संध्या में जाते थे तो वहां पर वीणा, पेटी आदि बजाने की कोशिश करते थे और इसी तरीके से इन्हे ये बजने भी सीख लिया था इन्होंने अपने गायन कला में किसी को भी गुरु नहीं बनाया, हालांकि अब इनके गुरु है लेकिन जब इन्होंने इस क्षेत्र में अपना कदम रखा, तब इनके कोई भी गुरु नहीं थे। प्रकाश माली जी ने अपनी शिक्षा के साथ ही गायन मे भी राज्य स्तर तक प्रथम स्थान हासिल किए हुये है।


प्रकाश माली का जीवन परिचय(Prakash Mali Biography) Jivani Family


जब कभी भी अपने आसपास रात्रि में या दिन में भजन संध्या होती तो प्रकाश माली और भजन संध्या में जाने से कभी नहीं चूकते थे इसी तरीके से हमेशा भजन संध्या में जाकर भजनों का लुफ्त उठाया करते थे । जब इन्होंने 12वीं के बाद गायन की कला को चुना तो, इनके पिताजी ने उनका काफी ज्यादा विरोध किया था उस समय उनके पिताजी को भी ऐसा लगता था कि भजन संध्या में उनका कोई कैरियर नहीं बन सकता, क्योंकि उस टाइम गायक कलाकारों का कोई भी ज्यादा महत्व नहीं हुआ करता था फिर भी प्रकाश माली ने संघर्ष करके भजनों में जाना जारी रखा। एक बार इनके पिताजी ने इनको काफी ज्यादा डाटा भी था इस कारण वो अपने गांव अपने दादाजी के पास साइकिल से 100 किलोमीटर की दूरी तय करके चले गए थे।

जब पहली बार प्रकाश माली किसी स्टूडियो में भजन गाने के लिए गए, तब उन्होंने प्रकाश माली को स्टूडियो से बाहर निकाल दिया और कह दिया कि आपकी आवाज सही नहीं है लेकिन इसके बाद इनके गानो को बालोतरा शहर में ही मधुर कैसेट के द्वारा निकाला गया। लेकिन यह गाने बालोतरा शहर तक ही सीमित रहे।

इसके कुछ समय बाद इन्होंने राजस्थान का प्रसिद्ध गीत जैसल धाड़वी और महाराणा प्रताप के गीत से प्रसिद्धि हासिल की और पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध हो गए। इसके बाद लगातार इनके कई सारे गाने अलग-अलग म्यूजिक कंपनियों के द्वारा लाए गए और यह गाने पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध हो गई।

प्रकाश माली ने हमेशा अपने भजनों में गाय, गरीबी और राष्ट्र भक्ति के गीतों को गाया है प्रकाश माली एक राष्ट्रभक्त भी है और यह देश के लिए हमेशा गाते आ रहे हैं इन्होंने कई ऐसे भजन जागरण भी बिल्कुल फ्री में यह है इसमें राष्ट्र का हीत हो।

इसके बाद प्रकाश माली हमेशा से एक अच्छे से अच्छा भजन गाते आ रहे हैं जब भी इनके भजन कहीं होते हैं तो लाखों में लोगों की भीड़ उमड़ आती है आज प्रकाश माली राजस्थान के ही नहीं बल्कि पूरे भारत में अपनी गायन कला से प्रसिद्धि हासिल कर सके 




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