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राजस्थान में तीसरी लहर के बीच पहला कर्फ्यू।

 

मेडिकल स्टोर और दूध की दुकानें भी बंद,



2 महिला और एक युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद डूंगरपुर (राजस्थान) के मोहम्मदिया कॉलोनी (गलियाकोट) में कर्फ्यू (जीरो मोबिलिटी ) लगा दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में पुलिस तैनात कर दी गई है। इस इलाके में किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं होगी। मेडिकल स्टोर और दूध की दुकानें तक बंद रहेंगी। इलाके के 70 से अधिक लोगों को खांसी-जुकाम की समस्या है, जिन्हें दवा दी गई है। 5 दिन बाद फिर सर्वे होगा। उधर, जरूरी सामग्री प्रशासन घर-घर पहुंचा रहा है।


सूरत से लौटी संक्रमित महिला का सैंपल ओमिक्रॉन जीनोम की जांच के लिए पुणे भेजा गया है। रिपोर्ट 10 दिन बाद आएगी। एसडीएम विनीत सुखाडिया ने तीन केस आने के बाद शुक्रवार शाम को कर्फ्यू का आदेश दिया था। बीमार लोगों को दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले राजस्थान में कोरोना संक्रमण के चलते अप्रैल में कर्फ्यू लगाया गया था।



26 जून के बाद 1 दिसंबर को कोरोना का पहला केस डूंगरपुर में मिला था। गलियाकोट की रहने वाली महिला 22 नवम्बर को सूरत में सैयदना साहब के दर्शन के लिए गई थी। 23 नवंबर की रात को ही वापस लौटी। यहां पर उसकी तबीयत खराब हो गई। 26 व 27 नवंबर को महिला के बेटे की शादी थी। 

इसमें 50 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। शादी के बाद महिला की RT-PCR जांच हुई। 1 दिसंबर को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जब तक प्रशासन इसके घर पहुंचता, वह सूरत (गुजरात) चली गई। स्वास्थ्य विभाग महिला के घर पहुंचा तो परिवार वालों व पड़ोसियों की जांच की। इसमें महिला का बेटा और एक पड़ोसी संक्रमित मिला। दोनों को होम आइसोलेट किया गया है। 

महिला के संक्रमित होने के बाद इलाके में करीब 230 लोगों की सैंपलिंग की गई थी। इसमें दो और लोग पॉजिटिव आए।

कोरोना की दूसरी लहर में आखिरी बार इस साल मई में कर्फ्यू लगाया गया था। अप्रैल, मई में डूंगरपुर शहर समेत सीमलवाड़ा और सागवाडा इलाके में कोरोना के केस ज्यादा थे। इन इलाकों में कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। कोरोना की दूसरी लहर के बाद यह पहला मौका है, जब एक बार फिर डूंगरपुर के गलियाकोट में जीरो मोबिलिटी घोषित किया गया है।

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