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the empire review in hindi। The Empire Review,(Babur) की एक कहानी सुनाई गई है।

 'द एम्पायर' (The Empire)




वेब सीरीज : द एम्पायर
स्टार कास्ट : कुणाल कपूर, डीनो मोरिया, शबाना आजमी, दृष्टि धामी, राहुल देव, आदित्य सील
स्टार्स : 3.5
कहा देखे : हॉटस्टार


डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर एक सीरीज़ रिलीज़ हुई है. नाम है ‘द एम्पायर’. ये सीरीज़ एलेक्स रदरफोर्ड की लिखी बुक सीरीज़ ‘Empire of the Moghul’ की पहली किताब ‘Empire of the Moghul: Raiders from the North’ पर आधारित है. सीरीज़ की छह किताबों में पूरे मुग़ल साम्राज्य को समेटा गया है. हिंदुस्तान में मुग़ल साम्राज्य की शुरुआत हुई थी बाबर से. इसलिए क्रोनोलॉजी को समझते हुए डिज़्नी प्लस हॉटस्टार की ये सीरीज़ भी बाबर की कहानी बताती है. 

( क्या है कहानी )

एलेक्स रदरफोर्ड के एम्पायर ऑफ द मुगल – रेडर्स ऑफ द नॉर्थ की पहली कड़ी ‘राइडर्स फ्रॉम द नॉर्थ’ पर आधारित वेब सीरीज, द एम्पायर की शुरुआत 14 साल के बाबर के साथ होती है जो एक तरफ युद्धनीति सिख रहा हैं, तो दूसरी तरफ वह अपने पिता से कला का पाठ पढ़ रहा है. यह कहानी शुरू होती है समरकंद और फरगना से जो अब उज्बेकिस्तान के नाम से जाने जाते हैं. पिता से हिंदुस्तान के बारें में सुनकर बाबर वहां राज करने का सपना देखने लगता है.

पहले एपिसोड में हमें बाबर और घानी के बीच हुई पानीपत की पहली लड़ाई दिखाई देती है, जहां जहीरुद्दीन-मोहम्मद-बाबर अपनी जिंदगी का फ्लैशबैक दर्शकों के सामने पेश करता है. बाबर के पिता ने निधन के बाद उसकी नानी कहां 14 बरस के बाबर को फरगना के तख्त पर बैठा देती है. इस छोटे बादशाह का सामना फरगना के तख़्त पर अपनी नजरे गड़ाएं बैठे शैबानी खान (Dino Morea) से होता है. बाबर के पिता के हरम की गुलरुख बेगम अपने बेटे के खातिर शैबानी से हाथ मिला लेती है और अपने परिवार के साथ बाबर समरकंद चला जाता है.

द एम्पायर की कहानी में महिलाओं को शक्तिशाली दिखने की कोशिश जरूर की गई है लेकिन यह कोशिश बादशाह के हरम का झगड़ा नजर आता है. मुघल और तुर्की साम्राज्यों की कहानी में कई बार बादशाह के हरम और हरम में शामिल हुई अनगिनत औरतों की आपस में ईर्ष्या और इस ईर्ष्या से उनमें और उनके बच्चों में होने वाला संघर्ष हमेशा दिखाया गया हैं. द एम्पायर में भी बाबर की पिता की प्रेमिका की गद्दारी और बाद में खुद बाबर की दूसरी पत्नी की उसके खिलाफ साजिश, खानजादा के फैसले हरम बाबर जैसे बादशाह को भी हरम पॉलिटिक्स की कठपुतली बनाकर पेश करते हैं

अभिनय

नानिजान की भूमिका निभाने वाली शबाना आज़मी (SHabana Azmi) फिर एक बार अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरते हुए सभी को अपने किरदार की तरफ आकर्षित करती हैं. इस सीरीज के साथ डेब्यू करने वाली एक्ट्रेस दृष्टि धामी (Drashti Dhami) भी खानजादा भूमिका को अपने 100 प्रतिशत देते हुए नजर आ रही हैं. उनकी एक्टिंग, उनकी बॉडी लैंग्वेज, एक्सप्रेशन सभी काफी शानदार हैं. बाबर की भूमिका निभाने वाले कुणाल कपूर (Kunal Kapoor) ने एक कोमल फिर भी दयालु, आज्ञाकारी फिर भी लापरवाह राजा का किरदार बखूबी निभाया है. डीनो मोरिया का शैबानी खान भी जाते-जाते लोगों के दिल को छूने में कामयाब हो जाता हैं.


बाबर के रोल में हैं कुणाल कपूर. उन्होंने अच्छा काम किया है. सत्ता की ज़िम्मेदारी और नैतिकता में जूझते राजा के साथ इंसाफ किया. दोनों साइड्स को जगह दी. उनकी बहन खानज़ादा का रोल अदा किया दृष्टि धामी ने. जिनके ग्लिसरीन वाले एक आंख से आते आंसुओं ने उनकी एक्टिंग पर पानी फेरने का काम किया. शो जिस नोट पर खत्म हुआ है, उसे देखकर लग रहा है कि उनका किरदार अगले सीज़न की राजनीति में बेहद अहम रोल निभाएगा. ‘मेरी जंग’ वाले राहुल देव भी शो का हिस्सा हैं. जो वज़ीर खान बने हैं. बाबर के लिए अपनी जान की बाज़ी लगाने वाला वज़ीर खान. शुरू से एंड तक, राहुल अपने किरदार के कंट्रोल में दिखते हैं. उस पर से उनकी पकड़ ढीली नहीं होती.


क्यों देख सकते हैं

कलाकारों के अभिनव के साथ साथ इस वेब सीरीज में जो सबसे ज्यादा आपका दिल जीत लेते हैं वह अपने स्क्रीन पर नजर आने वाले लुभावने दृश्य. मुगलों के महल हो या फिर स्क्रीन पर दिखने वाले वीएफएक्स हो, यह सब स्क्रीन पर काफी खूबसूरत और दिलचस्प लग रहे हैं. हर एक्टर का लुक, उनकी स्टाइलिंग, कॉस्ट्यूम काफी शानदार लग रहे हैं. इतिहास को नजरअंदाज करते हुए सिर्फ मनोरंजन के लिए यह वेब सीरीज जरूर देखी जा सकती हैं.


क्यों न देखें

अगर आपको मुगलों की महिमा सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं हैं, तो आप इस सीरीज को नजरअंदाज कर सकते हैं.




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